चीन की कथनी और करनी में फर्क़, विदेश मंत्रालय के हटने के ऐलान के बावजूद पैंगोंग त्सो और गोगरा प्वाइंट में डटी है चीनी सेना

0
3

पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच शुरू हुआ सीमा विवाद अबतक हल नहीं हुआ है। पैंगॉन्ग और गोगरा इलाके में अभी भी चीनी सेना पीछे नहीं हटी है। चीनी रक्षा मंत्रालय ने दावा किया था कि दोनों पक्षों के सैनिक धीरे-धीरे विघटित हो रहे हैं और डी-एस्केलेशन की ओर बढ़ रहा है। लेकिन इस दावे के कुछ ही घंटों के भीतर भारतीय सेना के सूत्रों का कहना है कि पिछले दो सप्ताह से ज्यादा समय हो गया है और यहां कोई पॉज़िटिव मूवमेंट दिखाई नहीं दी है।

सेना के सूत्रों ने कहा कि पैंगॉन्ग त्सो और पैट्रोलिंग प्वाइंट 17 ए से चीनी सेना अभी भी पीछे नहीं गई है। इस मुद्दे पर कोर कमांडर स्तर की पांचवें दौर की वार्ता में चर्चा होने की संभावना है। वार्ता शुक्रवार या सप्ताहांत में होने की उम्मीद थी लेकिन गुरुवार शाम तक कोई आधिकारिक सूचना नहीं आई। चीन के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता, वरिष्ठ कर्नल रेन गुओकियांग ने गुरुवार को कहा कि चीन और भारत ने गालवान घाटी क्षेत्र में संघर्ष के बाद से राजनयिक और सैन्य दोनों चैनलों के माध्यम से प्रभावी संचार और समन्वय किया है और वर्तमान में, इस क्षेत्र की स्थिति डी-एस्केलेशन की ओर बढ़ रही है। प्रवक्ता ने कहा सीमा पर दोनों देशों के सैनिक धीरे-धीरे विघटित हो रहे हैं।

वहीं भारत में चीन के राजदूत सन वेइदॉन्ग ने पैंगोंग लेक पर कमांडर लेवल की बातचीत से पहले कहा कि पैंगोंग झील के उत्तरी किनारे पर चीन की पारंपरिक सीमा रेखा LAC के अनुसार है। ऐसा कुछ नहीं है कि चीन ने अपने क्षेत्रीय दावे का विस्तार किया हो। इंस्टीट्यूट ऑफ चाइनीज स्टडीज के एक वेबीनार में वेइदॉन्ग को आमंत्रित किया गया था, जहां उन्होंने “चीन- भारत संबंध: द वे फॉरवर्ड” विषय पर बोलते हुए अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, “चीन के हताहतों की संख्या को लेकर यहां पर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। हम सीमा क्षेत्रों में तनाव को कम करने के लिए संयुक्त प्रयास कर रहे हैं। हमारे जवानों ने कहा कि हम कोई विरोधाभास नहीं चाहते और सीमा के आसापास शांति बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं।”

सूत्रों ने कहा कि 30 जून को तीसरे दौर की बातचीत के बाद दोनों सेना पीछे हट गई थी। सभी चार घर्षण बिंदु – गॉलवान घाटी में पीपी 14, हॉट स्प्रिंग्स सेक्टर में पीपी 15, गोगरा पोस्ट इलाके में पीपी 17 ए और उत्तर में फिंगर 4 से सेना पीछे हट गई थी। लेकिन सूत्रों का कहना है कि पैट्रोलिंग प्वाइंट 17 ए और पैंगॉन्ग त्सो में डिसएंगेजमेंट पूरा नहीं हुआ है।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App। में रुचि है तो



सबसे ज्‍यादा पढ़ी गई




Source link