कोरोना से निपटने के लिए आरबीआई के उपायों से आएगी वित्तीय स्थिरता

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कोरोनावायरस के अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभावों को कम करने के लिए रिजर्व बैंक की ओर से किए गए नीतिगत और मौद्रिक उपायों का उद्योग जगत ने स्वागत करते हुए कहा है कि इससे वित्तीय स्थिरता आएगी और तंत्र में अधिक तरलता की उपलब्धता वित्तीय तनाव को कम करने में मददगार होगा।

रेपो रेट में कटौती का निर्णय सराहनीय

रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की शुक्रवार को संपन्न चालू वित्त वर्ष की सातवीं द्विमासिक समीक्षा बैठक के बाद जारी बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सीआईआई के महानिदेशक चरणजीत बनर्जी ने कहा कि रेपो दर में 75 आधार अंकों की कमी किए जाने का निर्णय सराहनीय है। इसके साथ ही रिजर्व बैंक ने तरलता बढ़ाने के लिए कई और उपाय किए हैं जिससे कोरोना वायरस के कारण लॉकडाउन से अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले वित्तीय तनाव को कम करने में मदद मिलेगी।

नकद आरक्षित अनुपात में की गई एक फीसदी की कटौती से बैंकों को ब्याज दरें कम करने में मदद मिलेगी और इसका लाभ ग्राहकों को होगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान लॉकडाउन से कंपनियों के नकदी प्रवाह पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। तीन महीने तक ऋण की किश्तों की वूसली से राहत दिए जाने से कंपनियों को राहत मिलेगी। हालांकि, सीआईआई ने इस अवधि को बढ़ाए जाने की अपील भी की है।

आरबीआई के कदम से कारोबारी धारणा मजबूत होगी

उद्योग संगठन एसोचैम ने कहा है कि रिजर्व बैंक के इस पहल से वित्तीय स्थिरता आएगी और कारोबारीधारणा मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक द्वारा उठाया गया कदम न सिर्फ सराहनीय है बल्कि स्वागत योग्य भी है। उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक ने तीन महीने तक किश्तों की वसूली से राहत देकर कंपनियों, एमएसएमई और व्यक्तिगत देनदारों को बड़ी राहत दी है। इसके साथ ही बैंक के जमाकर्ताओं के हितों का भी ख्याल रखा गया है।

यस सिक्युरिटीज के सीनियर प्रेसीडेंट अमर अंबानी का कहना है कि आरबीआई कोरोना संकट के कारण पैदा होने वाली आर्थिक सुस्ती से निपटने के लिए सही उपाय किए हैं। आरबीआई की ओर से उठाए कदमों से कारोबारी धारणा मजूबत होगी और मौजूदा कर्जदारों को बड़ी राहत मिलेगी। वर्किंग कैपिटल के प्रावधानों से कारोबार सुचारू रूप से चलाए रखने में मदद मिलेगी।

रिजर्व बैंक ने सभी प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान दिया

फिक्की ने रिजर्व बैंक के उपायों का स्वागत करते हुए कहा कि नीतिगत दरों में की गई कटौती से बैंकों के पास आने वाली तरलता का लाभ ग्राहकों को भी मिलना चाहिए। फिक्की की अध्यक्ष संगीता रेड्डी ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि रिजर्व बैंक ने वृहद उपायों की घोषणा की है और इसमें सभी प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान दिया गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान आर्थिक स्थिति और वित्तीय बाजार बहुत ही उथलपुथल भरा है तथा इसके लिए मौद्रिक उपाय किए जाने की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। रिजर्व बैंक ने यह काम किया है और इससे अर्थव्यवस्था को गति देने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि रेपो दर और रिवर्स रेपो दर में की गयी कटौती से बैंकों को ब्याज दरों को कम करने में मदद मिलेगी।